September 26, 2022
What is cryptography In Hindi

Cryptography क्या है ? | What is cryptography In Hindi

What is cryptography In Hindi :- नए नए  तकनीक जहां एक ओर हमारी सुख सुविधाओं में वृद्धि कर रही है, वहीं क दूसरी ओर यह हमारी गोपनीयता और सुरक्षा में बाधा भी बनते जा रही है।

इसी गोपनीयता और Data की सुरक्षा के लिए एक तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिसे Technical Terms में Cryptography कहा जाता है । क्या आप भी What is Cryptography in Hindi के बारे जानना चाहते हैं ?

तो आज के इस लेख में हम आपको What is cryptography in Hindi के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं । Cryptography के बारे में विस्तार से जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें जिससे आप इस Technical terms को समझ सकें ।


What is cryptography in Hindi

Cryptography दो शब्दों से मिलकर बना है। क्रिप्टो और ग्राफी जो कि एक ग्रीक शब्द है इसका अर्थ होता है छिपा हुआ डाटा । Internet Technology में भी cryptography का उपयोग डाटा के सुरक्षा के लिए किया जाता है।

वास्तव में cryptography एक पूर्ण प्रक्रिया को कहा जाता है, जिसमें Data के स्वरूप में दो बार परिवर्तन किया जाता है । जिसमें सर्वप्रथम Data को Encryption किया जाता है, फिर इसे Target Receiver तक पहुँचाया जाता है, लेकिन Receiver के पहुंचने से पहले इसे फिर से Decryption करके Data को पहले की तरह बदल दिया जाता है।

लेकिन यह सभी प्रकार के cryptography में उपयोग नहीं किया जाता Hash function cryptography इसका अपवाद है, जिसमें सिर्फ एक बार परिवर्तन होता है ।

cryptography को आप और  बेहतर तरीके से समझना चाहते हैं तो आप Messaging app WhatsApp  के जरिए समझ सकते हैं। इसमें जो हम मैसेज या वीडियो , फ़ोटो शेयर करते हैं, वह Encrypted  होता है मतलब जो भेज रहा है और जिसको रिसीव होना है, उसके बीच मे कोई भी पार्टी इस मैसेज को पढ़ या देख नहीं सकता यहां तक खुद व्हाट्सएप भी इस मैसेज को नहीं पढ़ पाएगा।

जो रिसीव करता है, उसके पास Encrypted key होता है जिसके माध्यम से वह इस Encrypted code को Normal Data के मोड में बदल लेगा इसी पूरी प्रक्रिया को cryptography कहा जाता है ।


Cryptography के प्रकार

1.Symmetric  key cryptography

यह एक Key based cryptography है जिसमें जो भेजने वाला है तथा जो रिसीव करने वाला है दोनों के पास एक key होता है । इसी key की सहायता से जो भेजने वाला है वह data को Encryption करता है, लेकिन जो रिसीव करने वाला होता है वह इस डाटा को Decryption कर देता है।

कह सकते हैं, कि इसमें जो Key उपयोग किया जाता है उसी के माध्यम से हम Data के Format को बदलते है इस प्रकार के Key को  Symmetric key या secret key भी कहते हैं ।

Symmetric key cryptography का उपयोग WhatsApp massager में किया जाता है जिसमें sender और Receiver दोनों के पास secret key होता है इसलिए आपका मैसेज end to end सुरक्षित होता है ।

2. Asymmetric cryptographic

इस प्रकार के cryptography तकनीक में sender और Receiver दोनों के पास अलग अलग Key होता है । वास्तव में इस तकनीक में जो Receiver होता है वह  secret key का उपयोग करता है । अर्थात Encryption के लिए Public key का उपयोग किया जाएगा तथा Decryption के लिए Private key का उपयोग किया जाता है।

उदाहरण के लिए हम किसी Office में Mail करते हैं तो वहां कोई भी अपने Mail को Encryption करके Target server तक भेज सकता है । लेकिन जहाँ भेजा गया है उसके अतिरिक्त उस mail को कोई नहीं पढ़ सकता अर्थात यहां Secret Key का इस्तेमाल होता है ।

Asymmetric cryptography को अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित माना जाता है लेकिन यह धीमा कार्य करती है ECC , Diffie Hellman , DSS में इसी प्रकार Asymmetric cryptography का उपयोग किया जाता है।

3.Hash Function cryptography

Hash function cryptography किसी भी data को सर्वर में स्टोर करने के लिए किया जाता है । Hash Function cryptography में जो sender होता है वह किसी भी डाटा को send करता है तो जटिल गणितीय प्रक्रिया द्वारा उसे Hash Function Property में बदल दिया जाता है जो Database server में सुरक्षित रहता है ।

User ID में लॉग इन करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है जहां password को Hash Function cryptography के तहत किसी भी Third party से सुरक्षित रखा जाता है ।

Hash Function Cryptography Non Reversible property होता है अर्थात जो भी data Encryption हो गया है इसे आप निकाल नहीं सकते । लेकिन इसका जो output है उसका length Input के जितना ही होता है ।

Black3 Black 2 ShA 3 ये सब Hash Function cryptography algorithms पर आधारित system है ।


क्रिप्टोग्राफी की विशेषताएं

Cryptography एक ऐसा तकनीक है जिसके माध्यम से Virtual Technology में भी विश्वसनीयता लाया जाता है । हम जो अपनी जरूरी Data , Privacy किसी भी Online server के साथ साझा करते रहते हैं, Cryptography के माध्यम से इसे सुरक्षित रखा जाता है।

इसमें जो sender और Receiver होता है, उसके मध्य ही Data transfer किया जाता है तथा उन दोनों के अलावा इसे कोई पढ़ या समझ नहीं सकता ।

क्रिप्टोग्राफी के कारण आपके द्वारा भेजी गई मैसेज से आप भविष्य में मना नहीं कर सकते कि मैंने यह नहीं भेजा था तथा इसे बाद में Data को Coustmizeनहीं कर सकते जो है वही रहेगा।

क्रिप्टोग्राफी से यह पता लगाया जा सकता है कि आपका data कहाँ तक पहुँचा है ।

जिससे अपने डेटा को Hackers से बचाया जा सकता है ।


Cryptography में प्रयोग होने वाले कुछ Technical terms
  • Plaintext – Sender द्वारा दिया गया Without encrypted Data जो पढ़ने योग्य हो।
  • Encryption – यह एक Technical algorithm है जिसकी सहायता से Data (plaintext) को  Coding में बदल दिया जाता है ।
  • Key– यह एक Plaintext को Encryption और decryption करने का tools है जिसके कारण हम Target server को यह authority देते है कि वह इस data को पढ़ सकता है म
  • Cipher text यह data का encrypted format है जिसके माध्यम से Data को हैक होने से बचाया जाता है ।
  • Cryptography – Data को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न जटिल गणित प्रक्रिया ।
  • Decryption – जब data को Receiver द्वारा प्राप्त किया जाता है तो Coding format से plaintexts में बदलने की प्रक्रिया ।

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निष्कर्ष :

आज हमने इस आर्टिकल में आपको What is cryptography in Hindi के बारे में विस्तार से जानकारी दिया।

उम्मीद है, यह लेख आपको पसन्द आया होगा । अगर आपके मन मे इस विषय से संबंधित कुछ और सवाल है, तो हमें कमेंट कर जरूर बताएं।

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